भारत का सबसे पहला नेशनल पार्क कौन सा है? क्या है इसके बनने की कहानी?
भारत का सबसे पहला नेशनल पार्क है जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क। ये उत्तराखंड के नैनीताल जिले में है, हिमालय की तलहटी में बसा हुआ। यहां ऊंचे-ऊंचे पहाड़, नदियां, दलदल, हरे-भरे घास के मैदान और एक बड़ा तालाब, सब कुछ है। अगर आपको जंगल और जानवर पसंद हैं, तो ये जगह आपके लिए जन्नत है।
पहले क्या था, कैसे बना पार्क?
बहुत साल पहले ये इलाका टिहरी गढ़वाल रियासत का हिस्सा था। उस वक्त जंगल इसलिए काटे जाते थे ताकि दुश्मनों से बचाव हो सके। फिर ब्रिटिश आए, राजा ने उन्हें ये जमीन दे दी, बदले में गोरखाओं से लड़ाई में मदद ली। 1860 के आसपास यहां की बुकसा जनजाति को हटा दिया गया।
1900 की शुरुआत में दो ब्रिटिश अफसर ई.आर. स्टीवंस और ई.ए. स्माइथीज ने कहा कि इस जंगल को बचाना चाहिए। 1907 में गेम रिजर्व बनाने की बात चली।
आखिरकार 1936 में उस वक्त के गवर्नर सर माल्कम हेले ने इसे नेशनल पार्क बना दिया। उसका नाम रखा हेले नेशनल पार्क। ये पूरे एशिया का पहला नेशनल पार्क था। तब ये करीब 324 वर्ग किलोमीटर में फैला था। शिकार पूरी तरह बंद कर दिया गया।
1954-55 में नाम बदला गया रमगंगा नेशनल पार्क, फिर 1955-56 में मशहूर शिकारी से नेचर लवर बने जिम कॉर्बेट के नाम पर जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क कर दिया गया। जिम कॉर्बेट ने ही इस पार्क को बचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी।
कंजर्वेशन का असली हीरो कैसे बना?
1974 में यहीं से शुरू हुआ प्रोजेक्ट टाइगर, यानी बाघ बचाओ मुहिम। आज कॉर्बेट टाइगर रिजर्व 1288 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसमें 822 वर्ग किलोमीटर कोर जोन है और बाकी बफर जोन। सोनानदी वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी भी इसके साथ जुड़ गई।
1990 से यहां लोकल लड़कों को नेचर गाइड बनने की ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वो टूरिस्ट को घुमाएं और फॉरेस्ट स्टाफ सिर्फ जंगल की देखभाल करे। हर साल वर्कशॉप होती हैं, जिसमें टूरिज्म और कंजर्वेशन का बैलेंस सिखाया जाता है।
यहां क्या-क्या मिलता है?
- 73 फीसदी इलाका साल के घने जंगलों से भरा है।
- पीपल, रोहिणी, आम जैसे पेड़ भरपूर हैं।
- 2022 में यहां 260 बाघ थे।
- 1100 से ज्यादा हाथी, लेपर्ड, भालू, गोरल, पेंगोलिन, लंगूर, सब हैं।
- 586 तरह के पक्षी, घड़ियाल, मगरमच्छ, किंग कोबरा भी मिलते हैं।
- रामगंगा नदी यहां की जान है, इसी ने घाटियां बनाई हैं।
आज के लिए सीख
जिम कॉर्बेट सिर्फ घूमने की जगह नहीं है। ये बताता है कि अगर हम चाहें तो जंगल और जानवरों को बचा सकते हैं। यहां आइए, जिप्सी सफारी करिए, बाघ की दहाड़ सुनिए, लेकिन नियम मानिए और प्रकृति का सम्मान करिए।
आपके पसंद की अन्य पोस्ट
ताजमहल के अलावा भी आगरा के पास और बहुत कुछ है...
अगर आप आगरा घूमने जा रहे हैं तो सिर्फ ताजमहल का दीदार करके ही अपना ट्रिप खत्म न करिएगा। ताजमहल के अलावा भी आगरा के पास और बहुत कुछ है...
दुनिया का इकलौता सिर्फ महिलाओं वाला बाज़ार, इसमें काफी कुछ है ख़ास
मणिपुर की राजधानी इंफाल में एक ऐसा बाज़ार है जिसमें आपको सिर्फ महिलाएं ही महिलाएं मिलेंगी

