फूड एंड ड्रिंक्स

100 साल से भी पुराने, खाने के ठिकाने

भारत के किसी किस्से से कम पुरानी नहीं है ज़ायके की कहानी और  इन व्यंजनों की खुशबू उतनी ही ताजी है जितनी बगीचे में लगे पुदीने में आती है। सदियों पुराने ज़ायके और खाने की ताज़ी-ताज़ी खुशबू को आप तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं भारत में कई दशकों से चले आ रहे कैफे और रेस्त्रां। पुराने दौर के ज़ायके को आप तक पहुंचाने वाले कुछ रेस्त्रां तो नए पुरानी यादों को खुद में समेटे नए अंदाज़ में ढल गए हैं, यानी यहां आपको विंटेज वाली फीलिंग तो आएगी ही, नए ज़माने वाली लग्जरी भी मिलेगी, वहीं इनमें से कुछ खाने के ठिकाने ऐसे हैं जो आज भी लोगों को सिर्फ अपने स्वाद और नाम से ही अपनी ओर खींचने में कारगर हैं। यहां आपको न तो लग्जरी फीलिंग मिलेगी और न ही कोई विंटेज थीम, हां स्वाद ऐसा होगा कि आप सड़क पर लाइन लगाकर भी इनके यहां खाना लेने को तैयार रहेंगे। तो चलिए हमारे साथ भारत के पुराने ज़ायके के सफर पर…

आपको भा जाएगा नवाबी लखनऊ का शाही ज़ायका

नवाबों का शहर और अवधी खाने का गढ़ खाने के शौकीन लोगों के लिए जन्नत से कम नहीं है। यहां के टुंडे के कबाब हों या लखनवी ​बिरयानी, प्रकाश की कुल्फी फालूदा हो या रुई से भी हल्का मलाई मक्खन, इन्हें देखकर ही आपके मुंह में पानी आएगा। लखनऊ के स्वाद, खुशबू और हवा में ही जादू है। स्वाद से लबरेज़ लखनऊ की डिशेज़ आपको इस शहर का दीवाना बना देंगी। अगर आप लखनऊ घूमने आ रहे हैं तो यहां की ये फेमस डिशेज़ खाना न भूलें...

‘मसालों की रानी’ की कहानी

कभी एक छोटी सी इलायची पूरे खाने का स्वाद बदल देती है तो कभी इसका बस एक दाना ही मुंह को महकाने के लिए काफी होता है। मीठा हो या तीखा, ये हर खाने को लजीज बनाने में काम आती है। इलायची वाली चाय के तो क्या कहने। सर्दियों में जो मजा अदरक वाली चाय में आता है, इलायची उसी चाय को गर्मियों में भी खास बना देती है। हो सकता है कि आपकी यादों में भी इलायची से जुड़ी कोई कहानी हो लेकिन आज हम आपको बताएंगे इसकी खुद की कहानी। कितनी पुरानी है इलायची, कहां सबसे ज्यादा पैदा होती है और कैसे ये पूरी दुनिया में पहुंची, सब कुछ...

किस्सा-ए-संतरा…

ज्यादा पीला और कुछ हिस्सा हरा, संतरा ऐसा ही होता था। होता था क्या, होता है। हालांकि अब इसकी कई वैराइटीज बाजार में आ गई हैं, लेकिन इस पीले और हरे वाले संतरे की बात ही अलग है। हो सकता है कि आप में से ज्यादातर लोगों का पसंदीदा फल आम हो, लेकिन बचपन में हमने संतरे के साथ जितनी मस्ती की है उतनी किसी और फल के साथ नहीं की। इसके छिलके को किसी की आंख के सामने ले जाकर दबाने पर सामने वाले को आंखें मलते देखने में जो मजा आता था उसकी बात ही कुछ और थी। आप में से भी कई लोगों ने शायद इसके छिलके के रस को हाथ पर निकाल कर स्केल से जाला भी बनाया होगा। आपकी जिंदगी में संतरे से जुड़े किस्से तो बहुत होंगे आज हम आपको बताते हैं किस्सा-ए-संतरा…

इन फेमस खाने की थालियों को अकेले खत्म करना बड़ा टास्क

भई किसी दूर शहर घूमने फिरने जाओ और बिना वहां की बाजार देखे और खाने का स्वाद चखे लौट आओ तो ये भी कोई बात। मैं तो कहीं भी घूमने जाती हूं तो वहां के देखने लायक जगहों के बाद दूसरा सवाल यही होता है कि यहां खाने में फेमस क्या है। भारत के अलग-अलग राज्य अपने आप में एक अलग स्वाद भी समेटे हैं कहीं सादा खाना खाया जाता है तो कहीं चटपटा। कहीं खट्टे का पलड़ा भारी है तो कहीं मीठे की मिठास ज्यादा है। कई ऐसी भी फेमस जगहें हैं जहां की थाली देखकर ही आप हैरान हो जाएंगे। रंग-बिरंगे स्वादिष्ट खानों से सजी इन थालियों को देखकर मुंह में पानी तो आयेगा ही लेकिन खत्म करने के लिए बहुत हिम्मत भी होनी चाहिए। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही खास थालियों के बारे में जिसका स्वाद और रूप आपको अपना मुरीद बना देगा।

गुजराती खाना : नाम पर नहीं स्वाद पर जाइए

आपको 'थ्री इडियट्स' फिल्म में करीना कपूर का डायलॉग याद है? जिसमें वह कहती हैं - तुम गुजराती लोगों का खाना इतना खतरनाक क्यों होता है? ढोकला, फाफड़ा, हांडवो, थेपला... जैसे मिसाइल है। हो सकता है कि आप में से भी कई लोगों को कई गुजराती डिशेज का नाम मिसाइल जैसा ही लगता हो (मुझे भी लगता है) लेकिन, इसके शानदार स्वाद से आप मुंह नहीं मोड़ सकते। इसीलिए इस बार हम आपके लिए लेकर आए हैं, कुछ ऐसे ही लाजवाब गुजराती व्यंजनों की लिस्ट, जिन्हें एक बार खाकर आप इनके मिसाइल जैसी होने की बात भूल जाएंगे।

डेल्ही बेली : दिल्ली में हैं तो मत भूलिए चखना इनके स्वाद

राजधानी दिल्ली पूरे देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को खुद में समेटे है। देश का ऐसा कोई राज्य नहीं होगा जहां के लोग दिल्ली में न रहते हों। इसीलिए यहां हर जगह की मिट्टी, खुशबू और रंग मिल गए हैं, ऐसे में दिल्ली खाने के मामले में कैसे पीछे रह जाती। दिल्ली की गलियों में आपको जो खाना मिलेगा, वो शायद देश के बाकी हिस्सों में भी मिलता हो लेकिन यहां के जैसा स्वाद आपको कहीं और नहीं मिलेगा...और हां, कुछ स्पेशल डिशेज भी हैं जो आपको सिर्फ और सिर्फ दिल्ली की बाजारों में ही मिलेंगी...

देश चखता है इन लजीज नाश्तों का स्वाद

इंडिया अपने संस्कृति, कला, खूबसूरत इमारतों के साथ-साथ खान-पान के लिए भी जाना जाता है। बोलचाल, रहन-सहन की तरह ही यहां के हर राज्य में आपको खाने में भी विविधता मिलेगी। कहीं के खाने की खुशबू आपके मुंह में पानी ला देगा तो कहीं का स्वाद आपकी जुबान पर देर तक अपना असर छोड़ेगा। राजस्थान के खाने में आपको मसाले की खुशबू मिलेगी तो वहीं साउथ इंडियन जायके लाइट और स्वाद से भरपूर होते हैं। हम बात करने जा रहे हैं फेसम नाश्तों की जो कुछ राज्यों की पहचान हैं, जब भी इन जगहों पर कभी घूमने का प्लान बनें तो सुबह के नाश्ते में वहां की स्पेशलिटी को चखना न भूलें। 

दुनिया की पुरानी रेसिपी, जो उतारेगी आपका हैंगओवर

अगर हम पूछें कि आपकी प्लेट में रखा खाना कितना पुराना है? मुमकिन है आप हैरत में पड़ जाएंगे और जवाब देंगे कि ताजा है, आधे घंटे पहले ही तो बना है या फिर प्रोसेस्ड फूड है, जिसे फ्रिज से निकाला है। आपका जवाब सही हो सकता है लेकिन जनाब, हमारा तो सवाल है कि क्या आप जानते हैं आपकी प्लेट में रखा केक, मफींस, ग्रिल्ड आइटम या फिर स्टू पहली बार कितने साल पहले पकाया गया था। सवाल जरा टेढ़ा है लेकिन बेहद मजेदार है। दरअसल, यह सवाल पैदा हुआ हाल ही में 4000 साल पुरानी रेसिपी को बनाने की कोशिशों से। इंटरनेशनल स्कॉलर्स की टीम इसे बनाने की कोशिश में लगी हुई है। दुनिया की इस सबसे पुरानी डिश को लैंब स्टू कहा जा सकता है। हम आपको इस बार दुनिया की कुछ ऐसी पुरानी डिशेज और पेय पदार्थों के बारे में बताएंगे, जिनका इतिहास हजारों साल पुराना है।

एक चाय की चुस्की.....एक कहकहा

दूर-दूर तक फैली खूबसूरत वादियां हों, ठंडी हवाएं आपको छूकर तरोताजा कर रहीं हों, झीलें एक मीठी सी धुन सुनाकर बह रहीं हों और आप हाथों में चाय का कप लिए इस खूबसूरती को बस देर तक निहार रहे हों। चाय के दीवानों को इससे ज्यादा और क्या चाहिए कि मनपसंद सफर हो और साथ में अदरक वाली चाय की गर्म चुस्कियां। उत्तर भारत के ज्यादातर लोगों का फेवरेट ड्रिंक चाय ही माना जाता है और कई तो इस कदर चाय के शौकीन हैं कि उन्हें किसी भी मौसम और दिन-रात से मतलब नहीं होता बस किसी ने चाय का नाम भर लिया और इन्हें तलब हो उठती है। इसमें कोई शक नहीं कि ये आपके सफर को दोगुना मजेदार बना देती है तो ग्रासहॉपर के इस अंक में हम बात करने जा रहे हैं चाय की अलग-अलग वैरायिटीज की और अगर आप खुद को टी लवर मानते हैं तो जरूरी है कि इन सभी अलग-अलग किस्म की चायों के स्वाद का मजा जरूर लें। 

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