ये मेरा इंडिया

यूं ही नहीं ये जगह जन्नत कहलाती है

आशुतोष श्रीवास्तवये हसीं वादियां, ये खुला आसमां...। एआर रहमान की म्यूजिक पर बाला सुब्रमण्यम और एस चित्रा ने रोज़ा फिल्म के इस गाने को आवाज दी थी। अरविंद स्वामी और मधु पर फिल्माया गया मणिरत्नम की मूवी का गाना कश्मीर पर लगे आतंकवाद के ग्रहण की याद दिलाता है। आतंकवाद के चरम पर बनी यह मूवी हसीन वादियों में खौफ के पलों को अब भी ताजा कर देती है। तीन दशक तक आतंकवाद की आग में झुलसे कश्मीर में अब बहुत कुछ बदल चुका है। अब वहां न तो पत्थरबाजी की घटनाएं होती हैं और न ही पहले की तरह आतंकी घटनाएं। वादियों में टूरिज्म इंडस्ट्री पटरी पर लौट रही है और आपको बुला रही है।तो फिर देर किस बात की है? आप कोरोना के थमने का वेट मत कीजिए। जब भी मौका लगे धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर की एक ट्रिप लगा लीजिए। नोट बुक में लिख लीजिए। जो मजा आपको कश्मीर की वादियों में मिलेगा, वैसा आपको आज तक नहीं आया होगा। बर्फ, झील, घाटियों में शोर करके बहती नदियां व झरने। सब कुछ तो है यहां। अरे ये क्या, आप तो बैग पैक करने में ही जुट गए। कश्मीर ट्रिप के लिए बैग तो पैक करिए, लेकिन टिकट तो बुक करवा लीजिए। आप कश्मीर तक फ्लाइट और सड़क से पहुंच सकते हैं। हम आपको वहां की खूबसूरत जगहें और पहुंचने के बारे में बातें पूरी डिटेल में बताएंगे।

100 साल से भी पुराने, खाने के ठिकाने

भारत के किसी किस्से से कम पुरानी नहीं है ज़ायके की कहानी और  इन व्यंजनों की खुशबू उतनी ही ताजी है जितनी बगीचे में लगे पुदीने में आती है। सदियों पुराने ज़ायके और खाने की ताज़ी-ताज़ी खुशबू को आप तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं भारत में कई दशकों से चले आ रहे कैफे और रेस्त्रां। पुराने दौर के ज़ायके को आप तक पहुंचाने वाले कुछ रेस्त्रां तो नए पुरानी यादों को खुद में समेटे नए अंदाज़ में ढल गए हैं, यानी यहां आपको विंटेज वाली फीलिंग तो आएगी ही, नए ज़माने वाली लग्जरी भी मिलेगी, वहीं इनमें से कुछ खाने के ठिकाने ऐसे हैं जो आज भी लोगों को सिर्फ अपने स्वाद और नाम से ही अपनी ओर खींचने में कारगर हैं। यहां आपको न तो लग्जरी फीलिंग मिलेगी और न ही कोई विंटेज थीम, हां स्वाद ऐसा होगा कि आप सड़क पर लाइन लगाकर भी इनके यहां खाना लेने को तैयार रहेंगे। तो चलिए हमारे साथ भारत के पुराने ज़ायके के सफर पर…

कोविड के चलते सोलो ट्रिप का है प्लान? ये जगहें आएंगी पसंद

कोरोना के कहर ने हम सबकी जिंदगी काफी बदल दी है। अब पहले जैसा कुछ नहीं रहा। घूमना-फिरना भी पहले से काफी बदल गया है। साल की शुरुआत में हुए एक सर्वे में ये बात सामने आई थी अब लोग ग्रुप में घूमने के बजाय अकेले घूमना ज्यादा पसंद हैं। सोलो ट्रैवलर्स तो पहले भी हमारे यहां काफी थे लेकिन अब ये संख्या पहले से भी ज्यादा बढ़ गई है। वैसे, इसमें रोमांच हैं, बेफ्रिकी है, बिना रोक टोक के खुद को एक्सप्लोर करने का सबसे बेस्ट तरीका है सोलो ट्रैवलिंग। अगर आप भी कोविड के बाद कहीं अकेले घूमने का प्लान बना रहे हैं तो  हम बता रहे हैं आपको भारत के उन बेस्ट डेस्टिनेशन्स के बारे में जहां आप आराम से अकेले घूम सकते हैं…

सुकून से भरी हैं ये जगहें, कुदरत भी है मेहरबान

जब भी घूमने की बात आती है तो लोग ऐसी जगहों पर जाना चाहते हैं जो मशहूर हैं। ये जगहें यकीनन खूबसूरत होती हैं लेकिन हर वक्त पर्यटकों से भरी रहती हैं। अगर आप लॉकडाउन के बाद कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, कोविड की टेंशन ले-लेकर परेशान हो गए हैं तो हम आपको  बता रहे हैं दक्षिण भारत के कुछ ऐसे गांवों के बारे में जहां आपको ढेर सारा सुकून मिलेगा। 

जूलरी से है प्यार? लॉकडाउन के बाद घूम लीजिएगा ये बाजार

जूलरी का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि अरे, इसका तो लेना-देना सिर्फ लड़कियों से है। अव्वल तो ये कि आजकल लड़के भी फैशन जूलरी के दीवाने हो गए हैं और दूसरा ये कि अगर लड़कियों का जूलरी से लेना है तो ये भी मान लीजिए कि देना तो लड़काें का भी काम है। इसलिए जो भी घूमने के शौकीन हैं, ये स्टोरी उन सबके लिए है। हम जब भी कहीं घूमने जाते हैं तो वहां की कुछ मशहूर चीजों की शॉपिंग किए बिना नहीं रह पाते। तो हम आपको बता रहे हैं ऐसी ही जगहों के बारे में जो घूमने के लिए तो बेहतरीन हैं ही यहां की जूलरी भी कमाल की होती है।

आम, जिनका स्वाद है सबसे ख़ास

फलों के राजा आम की आमद शुरू हो गई है। जून की दोपहर में चलने वाली लू के थपेड़े इसकी मिठास बढ़ा चुके हैं। अपने लाजवाब स्वाद के चलते दुनियाभर का पसंदीदा फल आम लोगों का लालच अपनी ओर बढ़ा रहा है। इस खास फल की पैदावार देश के कई अलग-अलग राज्यों में की जाती है, और यहां के कई राज्य ऐसे हैं जहां के आम पूरे देश में मशहूर हैं। ऐसे में यहां पैदा होने वाले आम की कुछ चुनिंदा लजीज किस्मों के बारे में जानना तो बनता ही है। आम के उत्पादन के मामले में भारत का दुनिया के किसी देश से कोई मुकाबला नहीं है। पूरे विश्व में पाई जाने वाली आम की 1400 किस्म में से भारत में ही 1000 किस्म के आम पाए जाते हैं। अब देश में आम की बात करें तो इसकी सबसे ज्यादा पैदावार यहां के उत्तर प्रदेश में होती है, लेकिन गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्य भी अपने-अपने आमों के लिए मशहूर हैं। 

लॉकडाउन के बाद इन जगहों की एक ट्रिप तो बनती है

फिलहाल हम सब घरों में बंद हैं और उस दिन के इंतजार में हैं जब ये कोरोना महामारी खत्म होगी और हम फिर से खुली हवा में सांस ले पाएंगे, अपनी पसंदीदा जगहों की सैर कर पाएंगे, कभी पहाड़ों पर चढ़कर तारे देखेंगे तो कभी समंदर से बातें कर पाएंगे, यूं ही किसी मोड़ पर रुककर गोलगप्पे खाएंगे। लेकिन कोई बात नहीं, हताश होने से भी क्या हासिल होगा। अभी अगर हम घूमने नहीं जा सकते तो क्या हुआ, घर बैठे शानदार जगहों की एक बकेट लिस्ट तो बना ही सकते हैं। आपका तो पता नहीं लेकिन हमने ये बकेटलिस्ट बना ली। लॉकडाउन के बाद इन जगहों की एक-एक ट्रिप तो हम करेंगे ही। चलिए आपको भी बता देते हैं कि हमने इस लिस्ट में किन-किन जगहों को शामिल किया है। 

अटल टनल ; नया रास्ता, नई मंजिलें

कड़कड़ाती सर्दी में अपनी कार या बाइक से लाहौल-स्पीति तक जाने का सपना न जाने कितनों ने देखा होगा, लेकिन कैसे जा पाते, वहां तक जाने का तो कोई सही रास्ता ही नहीं था। सर्दियों में तो 6 महीने ये घाटी भारी बर्फबारी की वजह से देश बाकी हिस्सों से कट जाती थी और जब जाने का रास्ता होता भी था उसमें भी लोगों को 15-20 घंटोें  तक जाम में फंसे रहना पड़ता था, पर अब ऐसा नहीं है, क्योंकि यहां अब घ्टनल बन गई है।कई आधुनिक सुविधाओं से लैस अटल टनल रोहतांग उन पर्यटकों के लिए वरदान की तरह है जो लाहौल की वादियों में घूमना चाहते थे। हिमाचल के कुल्लू जिले में मनाली से लेकर लाहौल-स्पीति के लाहौल तक जाती ये टनल 9.02 किमी लंबी है। 10 साल में बनकर तैयार हुई अटल टनल के रास्ते रोहतांग में बर्फ का दीदार करने वाले सैलानियों के वाहन अब जाएंगे और रोहतांग दर्रा होकर मनाली लौटेंगे। इससे उनका घूमने का मजा भी दोगुना हो गया है। रोहतांग दर्रे से गुजरने वाला मार्ग डबललेन है, मगर वनवे रहने से सैलानियों को फायदा होगा।

प्रकृति का खूबसूरत तोहफा हैं कारगिल के गांव

घूमने वालों के लिए दुनियाभर में ढेरों जगह मौजूद हैं। मगर, इनमें कुछ खास ऐसी जगह भी हैं जिन्हें शब्दों में परिभाषित नहीं किया जा सकता है। उस क्षेत्र की खूबसूरती देखकर हर किसी का मनमोह जाता है। कुछ जगह ऐसी होती हैं जो कि अपनी तस्वीरों के जरिए ही लोगों को आकर्षित कर लेती हैं। इन्हीं जगहों में शामिल हैं लेह और लद्दाख। लेह में ही स्थित है वीर योद्धाओं के शौर्य का बखान करने वाली कारगिल चोटी। 1999 में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध के बाद चर्चा में आई यह चोटी इस समय पर्यटन का मुख्य आकर्षण बन चुकी है। लेह-लद्दाख आने वाला हर शख्स कारगिल जरूर आना चाहता है। आइए हम आपको बताते हैं कि ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और नीले रंग की दिखने वाली झीलों के आसपास कौन-कौन से खूबसूरत ठिकाने छिपे हुए हैं।

पर्यटन के लिए खुल गए हैं ये राज्य, आप भी कर लीजिए तैयारी

मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। कोरोना महामारी का खतरा कम नहीं है। हर दिन नए मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन जिंदगी अब पुराने ढर्रे पर लौटने लगी है। लोग सुरक्षा मानकों के साथ घर से निकलने लगे हैं। हम भी धीरे-धीरे इसके साथ जीना सीख रहे हैं। इसी के साथ कुछ राज्य ऐसे हैं जिन्होंने पर्यटकों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। आप भी जानिए उन राज्यों के बारे में और अगर पूरी सुरक्षा के साथ घूमने जा सकते हैं तो जरूर जाइए।

जोगेश्वरी गुफा: मंदिर से जुड़ी आस्था

एक तरह से महाराष्ट्र गुफाओं का केन्द्र कहा जा सकता हैं। यहां छोटी-बड़ी मिलाकर तमाम गुफाएं हैं। जिनमें अजंता-एलोरा की गुफाएं तो पूरे विश्व में अपनी शानदार वास्तुकला के चलते प्रसिद्ध हैं। महाराष्ट्र में जोगेश्वरी गुफा मुंबई शहर के गोरेगांव स्टेशन से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण में अंबोली गांव में मौजूद है। ये एक तरह का गुफा मंदिर भी है। इसमें प्रवेश करते ही आपको मूर्तियां देखने को मिल जाएंगी। इसमें तमाम मूर्तियां जोगेश्वरी माता, हनुमान और गणेश भगवान की हैं।धार्मिक महत्व के चलते भक्त इस गुफा में अपनी ओर से भी मूर्तियां स्थापित कर देते हैं। गुफा के अंदर आने वाले दर्शक इसकी भव्यता देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। गुफा के अंदर बने विशाल स्तम्भ भी हैं, जिनके ऊपर गुफा टिकी हुई है। बताया जाता है कि यह गुफा करीब 1500 साल पुरानी है। समय का प्रभाव इस गुफा पर अधिक पड़ा है, जिसकी वजह से अधिकांश मूर्तियां अपने प्राचीन स्वरूप में नहीं बची हैं।

नागालैंड : जिधर नजर घुमाएंगे बस खूबसूरती ही दिखेगी

यहां हरियाली है, खूबसूरत वादियां हैं, मन को मोहने वाला सनराइज और सनसेट है। अगर एक बार आप यहां आएंगे तो यकीन मानिए कई खूबसूरत नजारे और यादों को लेकर ही वापस जाएंगें। ये जगह अपने अंदर कुदरती खूबसूरती के साथ-साथ रोचक इतिहास को भी समेटे हुए है। यहां कई तरह की जनजातियां हैं जिनका रहन-सहन, खान-पान हमसे काफी अलग है, तो बहुत कुछ नया है देखने को, समझने को और महसूस करने को। 

ताजमहल के अलावा भी आगरा के पास और बहुत कुछ है...

ताजमहल का दीदार करने पूरी दुनिया से लोग यूपी में आते हैं। इसकी बेमिसाल खूबसूरती का ही असर है कि जो एक बार इसको नज़र भर देख लेता है उसकी निगाहें इस पर टिक सी जाती हैं। सफेद चमकते पत्थरों पर की गई अदृभुत नक्काशी इसे दुनिया की बेजोड़ इमारतों में से एक बनाती है लेकिन अगर आप आगरा घूमने जा रहे हैं तो सिर्फ ताजमहल का दीदार करके ही अपना ट्रिप खत्म न करिएगा। इसके आस—पास ऐसे बहुत से टूरिस्ट डेस्टिनेशन हैं जो आपको पसंद आ सकते हैं। 

धरोहरें जो यूपी को बनाती हैं बाकी राज्यों से अलग

भारत की विरासतें दुनिया भर में अपनी अद्भुत बनावट और महत्व के कारण फेमस हैं। देश के अलग-अलग राज्यों में कोई न कोई ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है, जो न केवल पर्यटकों के सामने बरसों पुराने इतिहास को दोबारा दोहराती हैं बल्कि अपनी खूबसूरत कलाकृतियों से उनको अपना कायल भी कर लेती हैं। यूपी भी उन राज्यों में शामिल है, जहां अनेक संस्कृतियां और परंपराएं पली-बढ़ी हैं। इस राज्य ने कई धरोहरों को बड़े सलीके से संभाल कर रखा है। फिर वो हर धर्म से परे, बेशुमार मोहब्बत की निशानी ताजमहल हो या फिर नवाबों के शहर लखनऊ में वास्तुकला का सबसे नायाब उदाहरण इमामबाड़ा। ये सब मिलकर ही यूपी को खास बनाते हैं और पर्यटकों की पसंद भी।  

कश्मीर: ये हसीं वादियां देंगी आपके दिल को सुकून

कश्मीर की खूबसूरती का बखान कई शायरों और लेखकों ने किया है और ये बात आपको बिल्कुल सच लगेगी जब आप यहां आएंगें। इसके जर्रे जर्रे में खूबसूरती समाई है, कश्मीर की खूबसूरत वादियों में आने के बाद आप को ये महसूस होगा कि यहां की हवाओं और पानी में भी गजब की खूबसूरती है। दूर-दूर तक फैली सफेद बर्फीली पहाड़ियां, खामोशी से खड़े देवदार और चीड़ के पेड़, वादियों में महकती केसर की खुशबू, थोड़ी-थोड़ी दूर पर किसी जेवर सी झिलमिलाती झीलें और झीलों के पानी पर तैरते हाउसबोट और शिकारों में बैठकर चांदनी रात में आसमान को निहराना, ये सब सुनकर ही कितना खूबसूरत लगता है। अब सोचिए सामने से ये कितना हसीन मंजर होगा। कश्मीर के रंग हर मौसम में अलग-अलग तरीके से दिल को सुकून देते हैं लेकिन जब भी यहां बर्फ पड़ती है तो इस जगह की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है, बर्फ की चादर पूरी तरह से जब इन वादियों को ढक लेती है तो वाकई ये जगह स्वर्ग ही लगती है।  

झरनों और गुफाओं की खूबसूरती को निहारना है तो आइए झारखण्ड

झारखण्ड का नाम आते ही दिमाग में कोयला खदानें और इस्पात कारखाना घूमने लगता है, लेकिन इन सबके अलावा भी यहां बहुत कुछ है देखने और घूमने को। जंगलों से घिरे हुए इस राज्य के पास अपार प्राकृतिक सौंदर्य है। यहां कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जहां पहुंचकर आपको मानसिक शांति मिलेगी। कहीं पहाड़ों से कल-कल की आवाज करके बहते हुए झरने हैं तो कहीं दूर तक खामोश बहती झीलों के पास जब शाम ढलती है तो नजारा बेहद खूबसूरत होता है। दूर-दूर तक फैली हरी-भरी पहाड़ियों के नजारे देखकर आप अपनी सारी टेंशन भूल जाएंगे। प्राकृतिक नजारों के साथ-साथ पुरानी गुफाएं, ऊंची पहाड़ियां और हवा के संग-संग बहती नदियां आपको अपनी तरफ बरबस ही खींच लेंगी। ये सब देखकर ऐसा लगता है कि झारखण्ड को कुदरत ने प्राकृतिक सौंदर्य तोहफे में दिया हो। तभी तो यह एक ही नजर में सभी को लुभा लेता है। वाइल्डलाइफ के शौकीनों के लिए भी यहां कई ऑप्शन्स मौजूद हैं जो आपको एक्सपीरिएंस के साथ फोटोग्राफी का भी बेहतरीन मौका देते हैं। इसके अलावा झारखण्ड की आदिवासी लोक-संस्कृति भी आपका मन मोह लेगी तो इस बार जब भी घूमने का प्लान बना रहे हों झारखण्ड को जरूर याद कीजिएगा।

सापूतारा: गुजरात का इकलौता हिल स्टेशन

अतुल्य भारत को आप जितना जानेंगे और देखेंगे उतना ही कुछ नया और अलग पाएंगे। अतुल्य भारत का कोना-कोना इसकी अद्भुत विरासतों की कहानियां बयां करता है। किसी भी दिशा में चले जाएं, कुछ न कुछ नया और अनदेखा जरूर मिल जाएगा। ऐसा ही एक नायाब ठिकाना है सापूतारा। सह्याद्रि पर्वतमाला पर बसे गुजरात के इकलौते खूबसूरत हिल स्टेशन। यहां पर दूर तक फैली पर्वतमाला की हरियाली, कल-कल बहते झरने और सड़कों के किनारे का मनोहारी दृश्य मोह लेंगे। किसी ने सच ही कहा है मंजिल से ज्यादा सफर सुहाना होता है। यह बात सापूतारा के रास्ते को देखकर आप खुद महसूस कर सकते हैं। अगर आप नेचर के बीच जाकर उसकी खूबसूरती का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो सापूतारा आपका स्वागत है।

हम्पी: वास्तुकला की नायाब धरोहर

वैसे तो कर्नाटक में घूमने की कई जगह हैं पर हम ज्यादातर मैसूर या बैंगलोर की ही बात करते हैं। कर्नाटक की हसीन वादियों में हर जगह खूबसूरती बिखरी हुई है। साफ सुथरे शहर मुझे हमेशा से ही अपनी ओर खींचते रहे हैं। जब भी कभी मौका मिलता है मैं घूमने निकल पड़ता हूं और इसीलिए इस बार मैंने हम्पी का टूर प्लॉन किया। धरोहरों का ये शहर अपने पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। यहां वास्तुकला के नायाब नमूने देखने को मिलते हैं। मंदिरों की वास्तुशैली में आपको पुराना इतिहास सहेजा हुआ दिखेगा।

दादरा नगर हवेली : पश्चिमी घाट का खूबसूरत ठिकाना

हमारे दिमाग में जब भी घूमने की बात आती है तो ठंडक में हम सभी का दिमाग ठहर जाता है गोवा, राजस्थान और दक्षिण भारत पर, लेकिन इस बार ग्रासहॉपर आपको एक ऐसी बहुत ही खूबसूरत जगह की सैर कराने जा रहा है, जहां पर जाकर आप अपने मन को शांति दे सकते हैं। भीड़-भाड़ से कोसों दूर इस जगह के बारे में आपने भी सुना होगा और आप वहां की खूबसूरती से वाकिफ भी होंगे। जी हां, हम बात कर रहे हैं दादरा नगर हवेली की। महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्से को काटकर बनाया गया यह छोटा सा केंद्रशासित प्रदेश बहुत ही खूबसूरत है। चारों तरफ फैली आंखों को सुकून देने वाली हरियाली, कलकल करती नदियां, खूबसूरत पहाड़ों की श्रृंखला और शेरों की दहाड़ का अद्भूत संग अगर आपको देखना है, तो दादरा नगर हवेली आइए। चारों तरफ जंगलों से घिरे पश्चिमी घाट के इस खूबसूरत डेस्टिनेशन में आपको देखने के लिए बहुत कुछ मिलेगा। इस खूबसूरत डेस्टिनेशन पर भीड़-भाड़ न होने के कारण हर किसी को सुकून और शांति मिलती है। 

इस सर्दी करें बर्फ पर सैर

घुमक्कड़ों का मन तो हर मौसम में ही घूमने को तैयार रहता है फिर गर्मी हो या सर्दी। पहले भले ही लोग सर्दियों में पहाड़ों पर घूमने जाने से कतराते थे पर अब वे लोग बेसब्री से सर्दियों का इतजार करते हैं ताकि बर्फीली वादियों की सैर कर सकें और वैसे भी सर्दियों में घूमने का मजा बढ़ जाता है जब आप किसी हिल स्टेशन जाइए और वहां हर तरफ बर्फ की चादर बिछी हो, पहाड़ सफेद बर्फ से ढके हों, पत्तियों पर जगह-जगह बर्फ अटकी हो, घरों पर परतें बिछी हों तो खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। आपका भी स्नो फॉल देखने का मन है और कंफ्यूज हैं कि जाएं तो जाएं कहां? तो हम कर देते हैं आपकी मदद, जहां आपको नेचुरल ब्यूटी के साथ-साथ बर्फ से खेलने का भी मौका मिले जैसे स्कीइंग, हाइकिंग, माउंटनीयरिंग, पैराग्लाइडिंग जैसे विंटर स्पोटर्स करने को मिले तो खुशी और भी बढ़ जाती है। ग्रासहॉपर के इस अंक में हम लाए हैं आपके लिए कुछ खास विंटर डेस्टिनेशंस जहां जाकर आप स्नो फॉल का मजा उठा सकें, बेफ्रिक होकर बर्फ में खेल सकें और भूल जाएं कुछ पल के लिए सारी टेंशन। तो फिर देर किस बात की? फटाफट पैक कर लीजिए गर्म कपड़े और निकल पड़िए हमारे साथ स्नो फॉल की खूबसूरती को महसूस करने। 

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