शानदार नज़ारों से घिरा हिमालय का छोटा सा ठिकाना नारकंडा
हिमालय की खूबसूरत वादियों में बसा नारकंडा हिमाचल प्रदेश का एक छोटा सा शहर है। यह जगह बर्फ से ढके पहाड़ों और सेब के बगीचों से भरी हुई है। नारकंडा प्रकृति प्रेमियों और रोमांच चाहने वालों के लिए स्वर्ग है। बेहद सुंदर सूर्यास्त, खूबसूरत नज़ारे और कमाल क स्थानीय लोग, ये सब मिलकर इस जगह को टूरिस्ट्स क लिए एक परफेक्ट जगह बनाते हैं।
8100 फीट की ऊंचाई पर स्थित, नारकंडा हिमाचल में एक छिपा हुआ रत्न है, जो हाटू पीक सहित बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियों के शानदार नज़ारों से घिरा है। यहां वसंत ऋतु बेहद सुंदर होती है क्योंकि नारकंडा खिले हुए फूलों और सेब के बगीचों के साथ एक रंगीन स्वर्ग में बदल जाता है।
सबके लिए है कुछ ख़ास
एडवेंचर शौकीनों के लिए भी नारकंडा में काफी ऑप्शंस हैं। नारकंडा स्कीइंग के लिए मशहूर है और दुनिया भर से उत्साही लोगों को आकर्षित करता है। यहां की स्कीइंग ढलानें शुरुआती और अनुभवी स्कीयरों दोनों के लिए परफेक्ट हैं। शहर में हाटू पीक जैसी सुंदर जगहों पर जाने वाले रोमांचक ट्रैक भी हैं।
नारकंडा न केवल प्राकृतिक रूप से समृद्ध है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। यह शहर स्थानीय देवता को समर्पित हाटू माता मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहां वार्षिक हाटू मेला आयोजित किया जाता है जो दूर-दूर से भक्तों को आकर्षित करता है। हाटू माता का लकड़ी का मंदिर चीनी शैली की नक्काशी से बना है। कहा जाता है कि यह वही जगह है जहां महाभारत के पांडवों ने निर्वासन के दौरान अपना भोजन पकाया था। पर्यटक मंदिर के पास भीम चूल्हा, दो चूल्हे भी देख सकते हैं। इसके अलावा, नारकंडा में लोग स्टोक्स फार्म, महामाया मंदिर और तन्नी जुब्बर झील भी देख सकते हैं।
कब जाएं ?
नारकंडा घूमने के लिए ये महीने सबसे अप्रैल, मई, और जून के महीने सबसे अच्छे माने जाते हैं। नारकंडा शहर में सर्दी बहुत ज़्यादा होती है इसलिए सर्दियों के दौरान नारकंडा घूमना थोड़ा मुश्किल होता है। हालांकि अगर आपको स्नोफॉल देखना है तो सर्दियों में ही यहां आइये। बस मॉनसून में यहां आने से बचिएगा क्योंकि ज़्यादा बारिश होने की वजह से यहां लैंड स्लाइड वगैरह का खतरा बढ़ जाता है।
कहां ठहरें ?
नारकंडा में रुकने के लिए आपको महंगे और सस्ते दोनों तरह के ठिकाने मिल जाएंगे। आप अपने बजट के हिसाब से होम स्टे, होटल, रिसॉर्ट, गेस्ट हाउस जहां चाहें वहां रुक सकते हैं।
कितना आएगा खर्चा?
आप अपने बजट क हिसाब से यहां का ट्रिप प्लान कर सकते हैं। अगर आपको कम पैसों में घूमना है तो आप यहां आने के लिए ट्रेन और बस का विकल्प चुन सकते हैं और किसी बजट स्टे में रुक सकते हैं। खाने का खर्चा यहां लगभग 1000 रूपये से 1500 रुपये रोज़ का आएगा।
कैसे पहुंचें ?
दिल्ली से नारकंडा तक सड़क बहुत अच्छी हो गई है।अगर आप ग्रुप में जा रहे हैं तो आपको सीधी प्राइवेट टैक्सी बुक करनी चाहिए। दिल्ली से नारकंडा का किराया लगभग 3000-4000 रुपये है और आप 12-14 घंटे में दिल्ली से नारकंडा पहुंच सकते हैं। दिल्ली आईएसबीटी कश्मीरी गेट से शिमला के लिए हर दो या तीन घंटे में बस उपलब्ध है। हिमाचल रोडवेज की यह बस आपको 10 घंटे या 11 घंटे में शिमला आईएसबीटी पहुंचा सकती है। अगर आप यहां से एचआरटीसी की बस लेते हैं तो आप 600 या ₹700 में शिमला पहुंच जाते हैं। अगर आप यहां से सेमी-डीलक्स बस लेते हैं तो आप लगभग ₹1,000 में शिमला पहुंच सकते हैं। आप शिमला बस स्टेशन पहुंचकर रामपुर के लिए बस ले सकते हैं। या फिर शिमला पहुंचकर आप प्राइवेट टैक्सी ले सकते हैं, जो आपसे 2000-3000 रुपए चार्ज करती है। दिल्ली से नारकंडा के लिए आपको सीधी उड़ान नहीं मिलेगी। शिमला हवाई अड्डा शिमला सिटी सेंटर से 22 किलोमीटर दूर है। नारकंडा जाने के लिए निकटतम हवाई अड्डा शिमला में है। आपको दिल्ली से शिमला के लिए फ्लाइट लेनी होगी। दिल्ली से शिमला पहुंचने का समय 1 घंटा है। नारकंडा का निकटतम रेलवे स्टेशन कालका रेलवे स्टेशन है। अगर आपको कालका रेलवे स्टेशन का टिकट नहीं मिलता है तो आप देश के किसी भी शहर से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन भी पहुंच सकते हैं। कालका रेलवे स्टेशन पहुंचकर आप टॉय ट्रेन से भी शिमला पहुंच सकते हैं।
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