त्रियुंड ट्रेक पर नया नियम: कचरा वापस लाओ, वरना ₹500 जमा डूब जाएगा

अनुषा मिश्रा 07-09-2026 02:02 PM My India

हिमाचल प्रदेश के मशहूर त्रियुंड ट्रेक पर अब एक नया नियम लागू हो गया है। धर्मशाला वन मंडल ने ‘कैरी-बैक वेस्ट’ सिस्टम शुरू किया है। अब ट्रेकर्स को ट्रेक शुरू करने से पहले ₹500 का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा।

कैसे काम करता है ये नियम?

ट्रेकर्स को एक रियूजेबल या रिसाइक्लेबल कचरा बैग दिया जाता है। उन्हें अपनी यात्रा के दौरान पैदा हुआ प्लास्टिक और अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरा इसी बैग में इकट्ठा करना है। वापस लौटते समय कचरा और बैग जमा करो तो ₹500 वापस मिल जाएगा। अगर कचरा पहाड़ों पर छोड़ दिया तो डिपॉजिट जब्त हो जाएगा।

ये कोई ट्रेकिंग फीस नहीं है। वन विभाग का मकसद सिर्फ आदतें बदलना और पहाड़ों को साफ रखना है। बार-बार नियम तोड़ने वालों को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है या परमिट रद्द हो सकता है।

क्यों जरूरी है ये कदम?

त्रियुंड अब कम टूरिस्ट वाला रास्ता नहीं रहा। 2025-26 में यहां 77,000 से ज्यादा ट्रेकर्स आए। अप्रैल से जुलाई 2026 तक अकेले 33,000 भारतीय और 600 विदेशी पर्यटक पहुंचे। इतनी भीड़ से पहाड़ों पर कचरा बढ़ रहा था।

त्रियुंड 9 किलोमीटर का आसान ट्रेक है, ऊंचाई करीब 2,875 मीटर। यहां से धौलाधार की बर्फीली चोटियां और कांगड़ा वैली का नजारा बेहद खूबसूरत लगता है। लेकिन अब याद रखना होगा—जो ले जाओ, वही वापस लाओ।

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ट्रेकर्स के लिए आसान टिप्स

  • हल्का सामान पैक करें
  • अपनी पानी की बोतल लेकर जाएं
  • एक बार इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक जितना हो सके कम रखें
  • एंट्री पॉइंट पर मिला कचरा बैग जरूर साथ रखें

वन विभाग रास्ते में पानी की सुविधा, बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट और रेन शेल्टर भी बनाने की योजना बना रहा है। कुछ जगहों पर डस्टबिन भी लगा दिए गए हैं।

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