FASTag एनुअल पास: 15 अगस्त 2025 से शुरू, यात्रियों के लिए 5 जरूरी बातें

टीम ग्रासहॉपर 08-08-2025 07:07 PM News
भारत में हाईवे यात्रा को और आसान बनाने के लिए FASTag सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 15 अगस्त 2025 से निजी वाहनों के लिए FASTag एनुअल पास शुरू हो रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा की है, जिसका मकसद हाईवे यात्रा को सस्ता, तेज और सुविधाजनक बनाना है। यह पास खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं। हम आपको बता रहे हैं इस नए फास्टैग के बारे में 5 जरूरी बातें…

1. FASTag एनुअल पास क्या है?

FASTag एनुअल पास एक ऐसा सिस्टम है जिसमें आप सिर्फ एक बार 3,000 रुपये का भुगतान करके पूरे साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक नेशनल हाईवे पर टोल-फ्री यात्रा कर सकते हैं। यह पास निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए है। इसका मतलब है कि बार-बार टोल प्लाजा पर रुकने या FASTag रिचार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह पास मौजूदा FASTag सिस्टम के साथ काम करेगा, यानी आपको कोई नया डिवाइस लेने की जरूरत नहीं। बस आपके FASTag अकाउंट को अपडेट किया जाएगा।

खास बात: यह पास सिर्फ नेशनल हाईवे और केंद्रीय सरकार के एक्सप्रेसवे (जैसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे) पर काम करेगा। स्टेट हाईवे या स्टेट एक्सप्रेसवे (जैसे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे) पर यह लागू नहीं होगा।

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2. यह पास किसके लिए फायदेमंद है?

यह पास उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है जो बार-बार हाईवे पर यात्रा करते हैं। जैसे:

  • डेली कम्यूटर्स: जो लोग रोज काम के लिए शहरों के बीच हाईवे पर ड्राइव करते हैं।
  • रोड ट्रिपर्स: जो छुट्टियों में लंबी सड़क यात्राएं करते हैं।
  • लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रैवलर्स: जो परिवार से मिलने या बिजनेस के लिए अलग-अलग शहरों में जाते हैं। जैसे, अगर आप दिल्ली-चंडीगढ़ या मुंबई-अहमदाबाद जैसे रूट पर अक्सर सफर करते हैं, तो यह पास आपके लिए पैसे और समय दोनों बचाएगा। गडकरी के मुताबिक, पहले 200 टोल क्रॉसिंग के लिए करीब 10,000 रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब सिर्फ 3,000 रुपये में यह सुविधा मिलेगी। यानी प्रति टोल क्रॉसिंग औसतन 15 रुपये, जो मौजूदा रेट से काफी सस्ता है।

3. कैसे और कब ले सकते हैं यह पास?

FASTag एनुअल पास 15 अगस्त 2025 से शुरू होगा। इसे लेना बहुत आसान है:

  • ऑनलाइन प्रॉसेस: आप राजमार्ग यात्रा ऐप या नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर पास खरीद सकते हैं।
  • कोई पेपरवर्क नहीं: आपको कोई नए दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं। आपका मौजूदा FASTag अकाउंट ही अपडेट हो जाएगा।
  • वैलिडिटी: यह पास एक साल तक या 200 टोल क्रॉसिंग (जो पहले पूरा हो) तक वैलिड रहेगा। एक टोल क्रॉसिंग का मतलब है एक टोल प्लाजा पार करना। बंद टोल सिस्टम (जैसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे) में एंट्री और एग्जिट एक टोल माना जाएगा, जबकि ओपन टोल सिस्टम (जैसे दिल्ली-चंडीगढ़) में हर टोल प्लाजा अलग से गिना जाएगा।

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4. इससे क्या फायदे होंगे?

FASTag एनुअल पास कई तरह से यात्रियों के लिए फायदेमंद है:

  • पैसे की बचत: 3,000 रुपये में 200 टोल क्रॉसिंग, यानी करीब 7,000 रुपये तक की बचत।
  • समय की बचत: टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं, क्योंकि पेमेंट ऑटोमैटिक होगा। इससे ट्रैफिक जाम और देरी कम होगी।
  • झंझट खत्म: बार-बार FASTag रिचार्ज करने की जरूरत नहीं। एक बार पेमेंट करें और सालभर बेफिक्र रहें।
  • पारदर्शिता: टोल पेमेंट की डिटेल्स आपको ईमेल या ऑनलाइन पोर्टल पर मिलेंगी।
  • ईंधन की खपत और प्रदूषण कम होगा। साथ ही, यह पास 60 किमी के दायरे में टोल प्लाजा की समस्या को भी हल करता है, क्योंकि अब आपको हर बार टोल देने की जरूरत नहीं होगी।

5. और क्या ध्यान रखना चाहिए?

FASTag एनुअल पास के साथ कुछ बातें ध्यान में रखनी जरूरी हैं:

  • सही यूज जरूरी: NHAI ने “लूज” FASTag (जो गाड़ी के विंडशील्ड पर ठीक से चिपके नहीं हैं) को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है। सुनिश्चित करें कि आपका FASTag गाड़ी पर सही तरीके से लगा हो, वरना टोल लेन में दिक्कत हो सकती है।
  • KYC और बैलेंस: पास लेने से पहले अपने FASTag का KYC पूरा करें और जरूरी बैलेंस रखें। अगर आपका FASTag ब्लैकलिस्ट हो जाता है, तो उसे री-एक्टिवेट करने के लिए बैंक या वॉलेट प्रोवाइडर से संपर्क करना होगा।
  • केवल निजी वाहनों के लिए: यह पास सिर्फ नॉन-कमर्शियल वाहनों (कार, जीप, वैन) के लिए है। कमर्शियल वाहनों को अलग नियम फॉलो करने होंगे।
  • लिमिटेड स्कोप: यह पास स्टेट हाईवे या स्टेट एक्सप्रेसवे पर काम नहीं करेगा। अगर आप ऐसी सड़कों पर सफर करते हैं, तो अलग से टोल देना पड़ सकता है।

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