काशी के घाट गंगा महोत्सव 2025 के लिए हैं तैयार, यहां जानें पूरे 4 दिन का शेड्यूल

टीम ग्रासहॉपर 29-10-2025 04:01 PM Culture

काशी यानी वाराणसी के पवित्र गंगा घाट हमेशा से ही आस्था और संस्कृति का केंद्र रहे हैं। इस बार देव दीपावली की दिव्य रोशनी से ठीक पहले एक और भव्य उत्सव होने जा रहा है। गंगा महोत्सव 2025, जो 1 नवंबर से 4 नवंबर तक चलेगा। यह महोत्सव घाटों को संगीत, नृत्य और लोक कला से भर देगा। डीडी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा महोत्सव 2025, जो 1 से 4 नवंबर तक आयोजित होगा, वाराणसी के घाटों को एक विशाल सांस्कृतिक मंच में बदल देगा। यहां भारत की समृद्ध संगीत, नृत्य और लोक परंपराओं की सुंदर झलक दिखाई देगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से यह महोत्सव गंगा के पवित्र तटों पर आयोजित किया जा रहा है। मुख्य स्थान राजघाट और नमो घाट होंगे। देश भर से सम्मानित कलाकार यहां पधारेंगे और शास्त्रीय संगीत, भक्ति भजन, लोक गीत तथा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। टूरिज्म के जॉइंट डायरेक्टर  दिनेश कुमार ने इसे गीत, संगीत, नृत्य और वाद्य यंत्रों का पावन त्योहार बताया है। हर शाम ठीक 4 बजे से कार्यक्रम शुरू होंगे और सभी के लिए खुला रहेगा।

चार दिनों का शेड्यूल

1 नवंबर

महोत्सव की शुरुआत पंडित माता प्रसाद मिश्रा और पंडित रवि शंकर मिश्रा के कथक नृत्य से होगी। डॉ. रिपि मिश्रा शास्त्रीय गायकी की सुंदर प्रस्तुति देंगी। विदुषी कमला शंकर स्लाइड गिटार पर अपना जादू बिखेरेंगी। पंडित नवल किशोर मलिक शास्त्रीय संगीत की गहराई दिखाएंगे। रवि शर्मा और उनका ग्रुप ब्रज लोक संगीत से माहौल को और जीवंत बनाएंगे। 

2 नवंबर

इस शाम मेलोडी और नृत्य का सुंदर मिश्रण देखने को मिलेगा। प्रो. पंडित साहित्य नाहर और डॉ. पंडित संतोष नाहर सितार-वायलिन की मंत्रमुग्ध करने वाली जुगलबंदी पेश करेंगे। पद्मश्री गीता चंद्रन का भरतनाट्यम नृत्य शाम का मुख्य आकर्षण होगा। शिवानी शुक्ला, वंदना मिश्रा और राजकुमार तिवारी शास्त्रीय गायकी से मन को शांति देंगे। ओम प्रकाश भक्ति भरे भजन गाकर भक्ति का रंग चढ़ाएंगे।

grasshopper yatra Image

3 नवंबर

तीसरे दिन लोक संगीत का जोश और शास्त्रीय नृत्य की ग्रेस एक साथ नजर आएगी। पद्मश्री मालिनी अवस्थी उत्तर भारत के देसी लोक गीत गाकर ग्रामीण भारत की भावना को जीवंत करेंगी। विशाल कृष्ण कथक नृत्य से सबको मंत्रमुग्ध कर देंगे। चेतन जोशी बांसुरी की मधुर धुन बजाएंगे। विदुषी कविता द्विवेदी ओडिसी नृत्य की सुंदरता दिखाएंगी। 

4 नवंबर

समापन का दिन भक्ति में डूबा रहेगा। लोकप्रिय भजन गायक हंसराज रघुवंशी अपनी आत्मिक रचनाओं से दिव्य ऊर्जा भर देंगे। डॉ. शुभंकर दे शास्त्रीय गायकी की प्रस्तुति देंगे। डॉ. प्रेम किशोर मिश्रा और उनका ग्रुप सितार-सरोद की जुगलबंदी पेश करेंगे। शिवानी मिश्रा कथक ग्रुप डांस से महोत्सव को यादगार विदाई देंगे।

चार दिनों तक घाटों पर दीये जलेंगे और हवा में संगीत की मधुर धुन गूंजेगी। काशी एक बार फिर साबित करेगी कि वह भारत का सांस्कृतिक हृदय क्यों कहलाती है। गंगा महोत्सव कला और आस्था का पावन जश्न है। यह देव दीपावली की स्वर्गीय सुंदरता का सुंदर पूर्वाभ्यास भी है, जब गंगा के घाट लाखों दीयों से जगमगा उठेंगे। हर सुर, हर कदम और हर ताल के साथ गंगा महोत्सव 2025 एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा। यहां नदी सिर्फ पानी से नहीं बहती, बल्कि भारत की जीवंत परंपराओं की लय से भी बहती है।

grasshopper yatra Image

महोत्सव में क्यों जाएं

  • एंट्री पूरी तरह मुफ्त है।
  • गंगा किनारे संगीत का आनंद लीजिए।
  • पद्मश्री जैसे सम्मानित कलाकार एक मंच पर होंगे।
  • देव दीपावली की सुंदर तैयारी देखिए।
  • काशी की असली संस्कृति का अनुभव कीजिए।

कुछ टिप्स

  • 31 अक्टूबर तक वाराणसी पहुंच जाएं।
  • घाटों के पास होटल या गेस्ट हाउस पहले से बुक कर लें।
  • रिक्शा या पैदल घूमकर आसानी से पहुंच सकते हैं।
  • हल्के गर्म कपड़े, पानी की बोतल और कैमरा साथ रखें।
  • सुबह गंगा स्नान और काशी विश्वनाथ के दर्शन करें।
  • दोपहर में बनारसी चाट और चाय का मजा लें।
  • शाम को महोत्सव में शामिल हों।
  • रात में घाट पर टहलकर दीयों की रोशनी का आनंद लें।

grasshopper yatra Image

काम की बात

  • शाम 3:30 बजे तक घाट पहुंच जाएं ताकि अच्छी जगह मिले।
  • कुछ कैश साथ रखें क्योंकि हर जगह डिजिटल पेमेंट नहीं चलता।
  • बच्चों और बुजुर्गों को आरामदायक जूते पहनाएं।
  • पानी और हल्के स्नैक्स साथ रखें।
  • अगर पहली बार काशी आ रहे हैं तो लोकल गाइड की मदद लें।

आपके पसंद की अन्य पोस्ट

श्राद्ध पक्ष में इन जगहों का है विशेष महत्व, पिंडदान के लिए जाते हैं लोग

देश में ऐसी कई जगहें हैं जो पूर्वजों जहां जाकर लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान करते

कांवड़ यात्रा: भक्ति, तपस्या और गंगा जल का एक अनोखा सफर

ये वो सफर है जहां कंधे पर कांवड़ का वजन, बारिश में भीगते हुए कदम, और ‘बम बम भोले’ के नारे आपके दिल को छू जाते हैं।

लेटेस्ट पोस्ट

दुर्गा पूजा 2026 में बड़े बदलाव! महाअष्टमी को शराब पूरी तरह बैन, विसर्जन में डीजे म्यूजिक पर भी रोक

सरकार का मकसद है कि पूजा पारंपरिक, शांत और व्यवस्थित तरीके से मनाई जाए।

वाराणसी का वो अनोखा होटल जहां लोग मरने के लिए चेक-इन करते हैं, लेकिन सिर्फ 15 दिन रुक सकते हैं, वजह हैरान कर देगी!

वाराणसी में एक ऐसा अनोखा होटल है, जहां लोग घूमने-फिरने नहीं, बल्कि मरने के लिए आते हैं।

त्रियुंड ट्रेक पर नया नियम: कचरा वापस लाओ, वरना ₹500 जमा डूब जाएगा

अब ट्रेकर्स को ट्रेक शुरू करने से पहले ₹500 का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा।

इस हफ्ते आपके सफर पर असर डाल सकती है बारिश IMD ने इन इलाकों में अलर्ट जारी किया, आपके लिए ये बातें जानना है ज़रूरी

मौसम विभाग (IMD) ने 1 से 7 सितंबर के बीच कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।

पॉपुलर पोस्ट

पुष्कर: उत्सवों को उत्साह से मनाती भगवान ब्रह्मा की ये नगरी

अरावली की पहाड़ियों से तीन ओर से घिरे राजस्थान के ह्रदय पुष्कर में एक अलग ही रंग का हिंदुस्तान बसता है। एक ऐसा हिंदुस्तान जिसे सैलानी सिर्फ देखने नहीं बल्कि उसे महसूस करने, जीने और इसकी आध्यात्मिकता में डूब जाने के लिए आते हैं।

वाइल्ड लाइफ के शौकीनों के लिए महाराष्ट्र है बेस्ट

प्लानिंग इस बार महाराष्ट्र के टाइगर रिजर्व्स को एक्सप्लोर करने की और एडवेंचर के साथ खूबसूरती को निहारने की।

भूटान घूमने का बना रहे हैं प्लान? रॉयल हाइलैंड फेस्टिवल कर रहा है इंतज़ार

भूटान गासा में रॉयल हाईलैंड फेस्टिवल की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये जगहें

हमारा देश इतना बड़ा है कि यहां हर महीने आपको घूमने के लिए कई सुंदर जगहें मिल जाएंगी।