लीजिए डिजिटल रोमांटिक टूर का मजा

अनुषा मिश्रा 03-06-2020 02:40 PM Culture

बेहतरीन लाइट्स, शानदार म्यूजिक और कमाल की कारीगरी का सेलिब्रेशन, फ्रैंकफर्ट ल्यूमिनाले इस साल लॉकडाउन की वजह से अभी तक नहीं हो पाया था। यह उत्सव 2002 से हर दो साल में जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में होता है जिसमें लगभग 250,000 लोग हिस्सा लेते हैं। इस साल कोरोना वायरस की वजह से यहां की रोशनी भी फीकी होती दिख रही थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।


ल्यूमिनाले 2020 इस बार डिजिटल होगा क्योंकि इसमें शामिल होने वाले कलाकारों ने कोरोना वायरस के महामारी घोषित होने से पहले ही अपने प्रोजेक्ट्स बना लिए थे। आप भले ही करीब जाकर इन प्रोजेक्ट्स का मजा नहीं ले सकते लेकिन डिजिटली आप अभी भी इस साल के प्रोजेक्ट्स का पूरा मजा ले सकते हैं। #Luminaledigital एक वर्चुअल टूर है जिसमें आप बिहाइंड द सीन्स का टूर भी कर सकते हैं।

इस साल के ल्यूमिनाले उत्सव की थीम डिजिटल रोमांटिक है जिसमें कला के रोमांटिक दौर और डिजिटल रिवॉल्यूशन के बारे में प्रोजेक्टस बनाए गए हैं। वास्तविक दुनिया से परे पहुंचने के लिए इसमें लाइट्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह इन जगहों को डिजिटल दुनिया में ले जाता है और बहस छेड़ता है कि क्या इनकी वाकई में जरूरत है? ल्यूमिनाले पूछता है, क्या डिजिटल वाकई एनॉलॉग कंटेंट को समझाने का बेहतर समाधान है? क्या लगातार आने वाली चीजों की बाढ़ का सामना करने के लिए दिमाग में नई तस्वीरें बनाई जा सकती हैं? क्या रोशनी की कला एक स्टेज इवेंट तक आकर खत्म हो जाती है? या क्या यह सच्चे, सुंदर, अच्छे के लिए एक तड़प को पूरा करती है? 

अगर आप भी रोशनी और संवाद के एक बेहतरीन अनुभव में खुद को खोना चाहते हैं और इस आभासी दुनिया में शामिल होना चाहते हैं तो ल्यूमिनाले की वेबसाइट पर जाइए और इसका मजा लीजिए।

आपके पसंद की अन्य पोस्ट

पुष्कर: उत्सवों को उत्साह से मनाती भगवान ब्रह्मा की ये नगरी

अरावली की पहाड़ियों से तीन ओर से घिरे राजस्थान के ह्रदय पुष्कर में एक अलग ही रंग का हिंदुस्तान बसता है। एक ऐसा हिंदुस्तान जिसे सैलानी सिर्फ देखने नहीं बल्कि उसे महसूस करने, जीने और इसकी आध्यात्मिकता में डूब जाने के लिए आते हैं।

सेंट वैलेनटाइन का गांव जिसे कहते हैं 'विलेज ऑफ लव'

हम आपको बताते हैं सेंट वैलेनटाइन और उनके गांव के बारे में जो हर साल 12 से 14 फरवरी के बीच सैंकड़ों कपल्स के प्रेम का गवाह बनता है।

लेटेस्ट पोस्ट

भारत का सबसे पहला नेशनल पार्क कौन सा है? क्या है इसके बनने की कहानी?

अगर आपको जंगल और जानवर पसंद हैं, तो ये जगह आपके लिए जन्नत है।

हिमाचल का 5000 साल पुराना त्योहार रौलान, जहां सचमुच आती हैं परियां

यह त्योहार आस्था, एकता और इंसान-देवता के रिश्ते की मिसाल है।

अमेरिका में H-1B वीजा खत्म होगा? क्या कहता है सांसद का नया बिल?

इसमें विदेशी डॉक्टरों और नर्सों के लिए सीमित छूट है, लेकिन वो भी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।

भारत का नया पासपोर्ट सिस्टम: अब सब कुछ डिजिटल, आसान और सुरक्षित

इसका मतलब है कि अब पासपोर्ट बनवाना तेज, आसान और ज्यादा सुरक्षित हो गया है।

पॉपुलर पोस्ट

पुष्कर: उत्सवों को उत्साह से मनाती भगवान ब्रह्मा की ये नगरी

अरावली की पहाड़ियों से तीन ओर से घिरे राजस्थान के ह्रदय पुष्कर में एक अलग ही रंग का हिंदुस्तान बसता है। एक ऐसा हिंदुस्तान जिसे सैलानी सिर्फ देखने नहीं बल्कि उसे महसूस करने, जीने और इसकी आध्यात्मिकता में डूब जाने के लिए आते हैं।

वाइल्ड लाइफ के शौकीनों के लिए महाराष्ट्र है बेस्ट

प्लानिंग इस बार महाराष्ट्र के टाइगर रिजर्व्स को एक्सप्लोर करने की और एडवेंचर के साथ खूबसूरती को निहारने की।

भूटान घूमने का बना रहे हैं प्लान? रॉयल हाइलैंड फेस्टिवल कर रहा है इंतज़ार

भूटान गासा में रॉयल हाईलैंड फेस्टिवल की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये जगहें

हमारा देश इतना बड़ा है कि यहां हर महीने आपको घूमने के लिए कई सुंदर जगहें मिल जाएंगी।