सतपुड़ा नेशनल पार्क में लें पैदल सफारी का मज़ा

टीम ग्रासहॉपर 09-02-2023 02:12 PM Eco Tourism
सतपुड़ा नेशनल पार्क में लें पैदल सफारी का मज़ा
जब आप पेड़ों, घास, पक्षियों, झाड़ियों और बाकी प्राकृतिक चीजों से घिरे होते हैं तो एक अलग तरह का मानसिक सुकून मिलता है। कुदरत न केवल हमारे शरीर को बल्कि मन को भी ठीक करती है। इस तरह की शांति आज के समय में मुश्किल है, लेकिन पूरी तरह से असंभव भी नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम भाग्यशाली हैं कि सतपुड़ा नेशनल पार्क जैसी प्राकृतिक जगहें हैं जहां आप वास्तव में प्रकृति के करीब रह सकते हैं। 

कहां है सतपुड़ा नेशनल पार्क

सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश में नर्मदापुरम जिले में है जो सतपुड़ा रेंज का एक हिस्सा है। सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान बोरी और पचमढ़ी वन्यजीव अभयारण्य एक बड़ा और अनूठा संरक्षित क्षेत्र है जहां आप कमाल की कुदरती खूबसूरती का लुत्फ उठा सकते हैं। 


सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान में क्या है खास? 

grasshopper yatra Image

क्या आप जानते हैं कि सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान भारत का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है जहां कोई भी पैदल सफारी का अनुभव कर सकता है? हां, आपने सही पढ़ा। पूरे भारत जितने भी राष्ट्रीय उद्यान हैं वे सभी सफारी वाहनों से उतरने पर रोक लगाते हैं लेकिन सतपुड़ा नेशनल पार्क में ऐसा नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां बाघ कड़ी कम हैं। यह आपको राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य क्षेत्र में पैदल सफारी का अनूठा अनुभव जीने का मौका देता है।


सतपुड़ा नेशनल पार्क के कोर जोन में टहलने का मतलब है एक अनुभवी प्रकृतिवादी के साथ घने साल और सागौन के जंगल, घास के मैदान और देनवा नदी के बैकवाटर से गुजरना। सतपुड़ा में बाघ को देखने का मौका दुर्लभ है, लेकिन आप इस बात से खुश होंगे कि एक बार जब आप जंगल में टहलते हैं और ऊंचे पेड़ों, पक्षियों और बाकी जंगल की चीज़ों से घिरे होते हैं। हालांकि यहां बाघ न दिखना आपको थोड़ा निराश कर सकता है लेकिन पैदल टहलने का मज़ा आपकी उस निराशा को दूर कर देता है।


सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीव जैव विविधता पार्क

स्तनधारियों की कुल 52 प्रजातियों, पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियों और सरीसृपों और उभयचरों की 31 प्रजातियों का घर है। हालांकि तेंदुए, स्लोथ और जंगली कुत्ते यहां खूब हैं लेकिन वॉकिंग सफारी करना पूरी तरह सुरक्षित है।

आपके पसंद की अन्य पोस्ट

ये मनमौजी डॉल्फिन मोह लेगी आपका मन...

भारत में पाई जाने वाली मीठे पानी की डॉल्फिन को गंगा डॉल्फिन के नाम से जाना जाता है और इसे लुप्तप्राय प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

जहां हर जगह पक्षियों की चहचहाहट है...

उत्तर प्रदेश में कई पक्षी विहार हैं जिन्हें प्रकृति ने अपनी खूबसूरती से संवारा तो। आप भी चलिए हमारे साथ इनके सफर पर।

लेटेस्ट पोस्ट

भारत का सबसे पहला नेशनल पार्क कौन सा है? क्या है इसके बनने की कहानी?

अगर आपको जंगल और जानवर पसंद हैं, तो ये जगह आपके लिए जन्नत है।

हिमाचल का 5000 साल पुराना त्योहार रौलान, जहां सचमुच आती हैं परियां

यह त्योहार आस्था, एकता और इंसान-देवता के रिश्ते की मिसाल है।

अमेरिका में H-1B वीजा खत्म होगा? क्या कहता है सांसद का नया बिल?

इसमें विदेशी डॉक्टरों और नर्सों के लिए सीमित छूट है, लेकिन वो भी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।

भारत का नया पासपोर्ट सिस्टम: अब सब कुछ डिजिटल, आसान और सुरक्षित

इसका मतलब है कि अब पासपोर्ट बनवाना तेज, आसान और ज्यादा सुरक्षित हो गया है।

पॉपुलर पोस्ट

पुष्कर: उत्सवों को उत्साह से मनाती भगवान ब्रह्मा की ये नगरी

अरावली की पहाड़ियों से तीन ओर से घिरे राजस्थान के ह्रदय पुष्कर में एक अलग ही रंग का हिंदुस्तान बसता है। एक ऐसा हिंदुस्तान जिसे सैलानी सिर्फ देखने नहीं बल्कि उसे महसूस करने, जीने और इसकी आध्यात्मिकता में डूब जाने के लिए आते हैं।

वाइल्ड लाइफ के शौकीनों के लिए महाराष्ट्र है बेस्ट

प्लानिंग इस बार महाराष्ट्र के टाइगर रिजर्व्स को एक्सप्लोर करने की और एडवेंचर के साथ खूबसूरती को निहारने की।

भूटान घूमने का बना रहे हैं प्लान? रॉयल हाइलैंड फेस्टिवल कर रहा है इंतज़ार

भूटान गासा में रॉयल हाईलैंड फेस्टिवल की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये जगहें

हमारा देश इतना बड़ा है कि यहां हर महीने आपको घूमने के लिए कई सुंदर जगहें मिल जाएंगी।